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[Hindi] - The Miracle of Gratitude (Hindi)

[Hindi] - The Miracle of Gratitude (Hindi)

Author:
Sirshree
Read by:
Leena Bhandari
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Unabridged Audiobook

Ratings
Book
Narrator
Release Date
January 10, 2025
Duration
5 hours 6 minutes
Summary
The Glory of Thankfulness

जहाँ कृतज्ञता होती है,

वहाँ प्रकृति की महिमा खिल उठती है…

किसी के प्रति आभार प्रकट करने के लिए हम धन्यवाद, शुक्रिया, थैंक्यू, आभार आदि शब्दों का प्रयोग करते हैं। दरअसल ‘धन्यवाद’ यह शब्द एक छोटी सी चुंबकीय प्रार्थना है। जिसे अलग-अलग भाषाओं में, अलग-अलग तरह से कहा जाता है। धन्यवाद कहते ही कुदरत की सुंदरता और उसकी शक्तियाँ हमारे आस-पास जीवित हो जाती हैं। हमें कुदरत के अद्भुत चमत्कारों को देखने का अवसर मिलता है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या कुदरत को सभी भाषाओं का ज्ञान है? अगर वह भाषा ही सुन रही होती तो क्या होता? कैसे सभी का हिसाब-किताब रखती? मगर ऐसा नहीं है! कुदरत भाषा नहीं, भाव तरंग समझती है।

कुदरत में आपके द्वारा कहे गए शब्द नहीं, आपकी भावना पहुँचती है और वह कार्य करती है। जैसे- जब आपको कोई चीज़ जो आप चाहते थे, वह मिल जाती है तो उसके लिए आप धन्यवाद कहते हैं यानी आप ‘है’ की फीलिंग में हैं। इसी प्रकार जो चीज़ आपके पास नहीं है और आप उसे पाना चाहते हैं तो उसके लिए भी जब आप धन्यवाद देते हैं तब यूनिवर्स आपके कहे शब्दों पर नहीं बल्कि ‘है’ की फीलिंग को जान रही होती है। यह कुदरत के देने का रहस्य है। यही ग्लोरी ऑफ थैंकफुलनेस यानी कृतज्ञता की महिमा है।

इसे समझकर यदि हम कृतज्ञता के साथ कुदरत संग तालमेल बिठाते हैं तो जीवन की धारा हमें खुशी और संतोष की ओर बड़ी सरलता से ले जाती है।
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